Notice: session_start(): Ignoring session_start() because a session is already active in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 2

Warning: Constant OEDU already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 5

Warning: Constant HOST_NAME already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 32

Warning: Constant USER_NAME already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 33

Warning: Constant PASSWORD already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 34

Warning: Constant DATABASE already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 35

Warning: Constant BASE_URL already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 36

Warning: Constant PG_BASE_URL already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 37

Warning: Constant WP_DEBUG already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 38
sell books sell books
Sign In

Notice: session_start(): Ignoring session_start() because a session is already active in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 2

Warning: Constant OEDU already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 5

Warning: Constant HOST_NAME already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 32

Warning: Constant USER_NAME already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 33

Warning: Constant PASSWORD already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 34

Warning: Constant DATABASE already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 35

Warning: Constant BASE_URL already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 36

Warning: Constant PG_BASE_URL already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 37

Warning: Constant WP_DEBUG already defined in /home/oureduc/public_html/includes/config.php on line 38

Search News Articles

Fake Journal Publication Market in India

Arshad Naseem, Published On:20-Jul-2018

इंडियन एक्सप्रेस कि जाँच के मुताबिक हमने पिछले लेख में आपको बताया था कि किस तरह से भारत में प्रकाशन का काम एक गलत तरीके से मार्केट में चलाया जा रहा हैं। जिसकी कड़ी में हम हर एक उस कंपनी के बारे में बताएंगे जिनका फर्जी पब्लिकेशन की लिस्ट कंपनियों में नाम शामिल हैं। जैसे की OMICS नाम की कंपनी जो हैदराबाद में स्तिथ हैं और किस तरह बिना किसी संसोधन और बिना किसी संपादकीय प्रक्रिया से पब्लिकेशन का काम कर रहे हैं। 10 साल पहले OMICS ने अपनी पहली जर्नल निकाली जो दवा से प्रबंधन के विषयों की एक श्रृंखला पर रिसर्च थी, जिसके बाद आज यह कंपनी 1500 पब्लिकेशन निकालती हैं और इसका खुलासा खुद इंडियन एक्सप्रेस ने किया। इनमें से ज़्यादातर पत्रिकाएं ऑनलाइन मौजूद हैं और इन्हें शहर भर में स्थित कंपनियों द्वारा संचालित किया जाता है, जिनमें पोश बंजारा हिल्स भी शामिल हैं, लेकिन ज्यादातर वेबसाइटों पर विदेशों के पते होते हैं, और यह पते अमेरिका और ब्रिटेन जैसे बड़े शहरों में नज़र आते हैं। ज़्यादा जानकारी के लिए बता दे कि भारत की कोई भी अकादमिक ब्रिटेन या अमेरिका में 'अंतरराष्ट्रीय' पत्रिका में प्रकाशन के लिए क्रेडिट ले सकती हैं चाहे वास्तव में यह एक कोई छोटी सी कंपनी ही क्यूँ न हो।

हिंसक प्रकाशन का शब्द डेनवर स्थित पूर्व जेफरी बील ने बनाया है जो एक लाइब्रेरियन हैं। पिछले आठ साल से बेल एक ऐसे व्यापक हैं जो इस तरह से पढ़ने वाले ब्लॉग और प्रकाशकों के खिलाफ लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। जिसके चलते बेल ने OMICS कंपनी का खुलासा किया जो 700 से अधिक पत्रिकाओं वाले सबसे बड़े ऑपरेटरों में से एक है।

इंडियन एक्सप्रेस ने कई लोगो को ट्रैक किया जिनमे 32 साल के पी अश्विन कुमार द्वारा चलाए गए एवेन्स पब्लिशिंग ग्रुप और ओपन साइंस पब्लिकेशंस समेत कई अन्य लोगों को भी ट्रैक किया, जिन्होंने कहा कि उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में एमटेक किया है और पहले ओएमआईसी के साथ काम भी किया हैं। मणिकोंडा क्षेत्र के एक छोटे से कार्यालय से काम कर रहे कुमार ने बताया कि एवेन्स के पास अमेरिका में एक कार्यालय है और 700 से अधिक लेख पत्रिकाओं पर प्रकाशित होने के लिए विदेश से आते हैं और यह भी बताया की इन पत्रिकाओं ने 1,000 से अधिक लेख प्रकाशित किए हैं जिसके लिए संपादकों और समीक्षकों का भुगतान नहीं किया जाता और अब 46 पत्रिकाओं को प्रकाशित किया जा रहा हैं और वे सभी नियमित हैं।

एवेन्स पत्रिकाओं की संपादकीय ताकत के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि हमारे संपादकीय बोर्डों पर हमारे पास करीब 1,500 सदस्य हैं। मैंने अपनी मंजूरी मिलने और अपने बायोडाटा और फोटोग्राफ प्राप्त करने के बाद ही अपनी कंपनी का नाम रखा है। साथ ही कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी दूसरी कंपनी ओपन साइंस पब्लिकेशंस लॉन्च की है, जो हाल ही में 17 पत्रिकाओं के साथ हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा सूचीबद्ध पत्रिकाओं को प्राप्त करने का प्रयास किया था, उन्होंने बताया कि शुरुआत में, मैंने उनसे संपर्क किया लेकिन उन्होंने कभी जवाब नहीं दिया।

 

एक और प्रकाशक है जिसका नाम बायो एक्सेंट हैं जो 47 पत्रिकाओं को चलाता है, और इसकी वेबसाइट पर एक अमेरिकी पता लिखा हुआ है। हालांकि, वेबसाइट हैदराबाद में प्रख्याती नगर के रवि शंकर कुप्पल्ला के नाम पर पंजीकृत है। इसी तरह, क्रिस्टो प्रकाशन, जो 116 पत्रिकाओं को चलाने का दावा करता है लेकिन अपनी वेबसाइट पर एक अमेरिकी पता प्रदान किया है, जो गुंटूर के रामचंद्र रेड्डी के नाम पर पंजीकृत है। दोहरी पहचान के साथ सैकड़ों और अधिक हैं प्रकाशन है जैसे- क्लेरिस की वेबसाइट श्री अशोक, हाइटेक सिटी के नाम पर पंजीकृत है और हेंडुन रिसर्च एक्सेस की वेबसाइट मोसपेट में पंजीकृत है और इनमें से ज़्यादातर वेबसाइटों में उनके संपादकीय कर्मचारियों का बहुत कम विवरण है।

इंडियन एक्सप्रेस की यह जांच एक ग्लोबल परियोजना है जिसमें German Broadcasters NDR और WDR साथ ही Suddeutsche Zeitung के नेतृत्व में 60 पत्रकार शामिल हैं, जिसमें 18 पार्टनर, ले मोंडे और द न्यू यॉर्कर शामिल हैं। International Consortium of Investigative Journalists (ICIJ) ने 175,000 प्रकाशनों पर निष्कर्ष साझा करने के लिए ऑनलाइन मंच प्रदान किया हैं।

आगे की कड़ी में हम आपको इंडियन एक्सप्रेस द्वारा की जा रही पड़ताल जिसमे और भी कंपनियों के खुलासे होंगे। उन सारी कंपनियों के बारे में सारी जानकारी आपतक पहुचाएंगे।






Back to top